ग्वालियर में 5 देशों के पत्थरों से बनेंगी 60 प्रतिमाएं, जानिए कैसा होगा नीला शिवलिंग?
ग्वालियर में पांच देशों के खास पत्थरों से 60 प्रतिमाएं तैयार होंगी। अफगानिस्तान के लाजावर्त से 3 फीट ऊंचा शिवलिंग बनाया जाएगा।
ग्वालियर में अलग-अलग देशों और राज्यों से आने वाले खास पत्थरों से 60 प्रतिमाएं तैयार की जाएंगी। इनमें शिव परिवार की प्रतिमाएं भी शामिल हैं। सबसे खास 3 फीट ऊंचा शिवलिंग होगा, जिसे अफगानिस्तान से आने वाले गहरे नीले लाजावर्त यानी लैपिस लाजुली पत्थर से तराशा जाएगा। इसका वजन करीब डेढ़ टन बताया गया है।
रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर में होगा काम
बैजाताल स्थित रीजनल आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर में नेशनल अवॉर्डी मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा इन प्रतिमाओं को आकार देंगे। हर प्रतिमा के लिए उसकी खासियत और रंग के मुताबिक अलग पत्थर चुना गया है। दावा है कि इतने बड़े आकार का लाजावर्त शिवलिंग देश में पहली बार तैयार किया जा रहा है।
शिव परिवार के लिए अलग-अलग पत्थर
भगवान गणेश की प्रतिमा सूडान से आने वाले हरे मर्गज स्टोन से बनाई जाएगी। इसे पन्ने के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा के लिए वियतनाम का ब्लैक मार्बल चुना गया है।
नंदी के लिए जैसलमेर का गोल्डन स्टोन और माता पार्वती की प्रतिमा के लिए मकराना का प्योर व्हाइट मार्बल इस्तेमाल होगा। इस तरह शिव परिवार की हर प्रतिमा अपने पत्थर के रंग और बनावट के कारण अलग नजर आएगी।
2027 में पंजाब में होगी स्थापना
तैयार की जा रही प्रतिमाओं को पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर जिले के नवांशहर स्थित वंशवृद्धि महादेव मंदिर में स्थापित किया जाएगा। स्थापना 2027 में प्रस्तावित है। इसके लिए अलग-अलग जगहों से पत्थरों को ग्वालियर लाकर मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
5 देशों से आएगा खास पत्थर
इन प्रतिमाओं के लिए अफगानिस्तान, सूडान और वियतनाम समेत पांच देशों से पत्थर मंगाए जाएंगे। वहीं भारत के अलग-अलग हिस्सों से भी विशेष पत्थरों का चयन किया गया है। विदेशी पत्थरों की रंगत और भारतीय संगमरमर की गुणवत्ता को मिलाकर प्रतिमाओं को खास रूप देने की तैयारी है।

